महाशिवरात्रि: महत्व, पूजा विधि और अनोखे तथ्य

महाशिवरात्रि महत्व, पूजा विधि और अनोखे तथ्य
महाशिवरात्रि महत्व, पूजा विधि और अनोखे तथ्य

महाशिवरात्रि क्या है?

महाशिवरात्रि Hindu धर्म में एक प्रमुख festival है जो भगवान Shiva की आराधना के लिए मनाया जाता है। यह पर्व फाल्गुन मास की Krishna Chaturdashi को आता है और इसे “Shiva की रात” के रूप में जाना जाता है। इस दिन भक्त भगवान Shiva की special पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत रखते हैं। यह दिन Shiva भक्तों के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है।

महाशिवरात्रि का महत्व

महाशिवरात्रि न केवल religious बल्कि spiritual दृष्टि से भी बहुत important है। इस दिन भक्तजन व्रत रखते हैं, temples में जाकर Shivling का अभिषेक करते हैं और रात्रि जागरण करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान Shiva और माता Parvati का विवाह हुआ था। यही कारण है कि इस दिन भगवान Shiva की आराधना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

महाशिवरात्रि पूजा विधि

  1. स्नान और संकल्प (Bath and Sankalp): प्रातःकाल Ganga Jal या पवित्र जल से स्नान करें और व्रत का संकल्प लें।
  2. शिवलिंग का अभिषेक (Abhishek of Shivling): Jal, दूध, दही, शहद, घी और Belpatra से Shivling का अभिषेक करें।
  3. धूप-दीप और मंत्र जाप (Mantra Chanting): “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें। महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से विशेष लाभ होता है।
  4. रात्रि जागरण (Night Vigil): पूरी रात जागकर Shiva कथा सुनें और भजन-कीर्तन करें।
  5. भोग और आरती (Bhog and Aarti): फल, मिठाई और पंचामृत अर्पित करें और आरती करें।
  6. दान और पारण (Donation and Vrat Conclusion): अगले दिन दान करें और व्रत का पारण करें।

महाशिवरात्रि पर उपवास का महत्व

Fasting करने से मन और आत्मा की शुद्धि होती है। यह व्रत व्यक्ति के पापों का नाश करता है और Moksha की प्राप्ति कराता है। भक्तजन पूरे दिन केवल fruits, milk और water का सेवन करते हैं। कुछ भक्त Nirjala Vrat भी रखते हैं, जिसका विशेष महत्व है।

महाशिवरात्रि का ज्योतिषीय महत्व

इस दिन Chandra और Surya की विशेष स्थिति होती है, जिससे positive energy का प्रवाह बढ़ता है। ग्रहों की अनुकूल दशा के कारण Shiva साधना करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है।

महाशिवरात्रि पर 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन

भगवान Shiva के 12 प्रमुख Jyotirlinga का दर्शन इस दिन विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

ज्योतिर्लिंगस्थान
SomnathGujarat
MallikarjunaAndhra Pradesh
MahakaleshwarMadhya Pradesh
OmkareshwarMadhya Pradesh
KedarnathUttarakhand
BhimashankarMaharashtra
Kashi VishwanathUttar Pradesh
TrimbakeshwarMaharashtra
VaidyanathJharkhand
NageshwarGujarat
RameshwaramTamil Nadu
GrishneshwarMaharashtra

महाशिवरात्रि से जुड़े रोचक तथ्य (Interesting Facts)

  • इस दिन 4 Prahar की पूजा करने का विशेष महत्व है।
  • Rudrabhishek करने से सभी कष्ट दूर होते हैं।
  • इस दिन व्रत करने से Grah Dosh भी समाप्त होते हैं।
  • Shiva Purana के अनुसार, Mahashivaratri की रात को भगवान Shiva का Tandav हुआ था।
  • Shiva को प्रसन्न करने के लिए “Shiva Chalisa” का पाठ करने से विशेष लाभ मिलता है।
  • Mahashivaratri के दिन Ganga स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है।

महाशिवरात्रि से जुड़े सामान्य प्रश्न (FAQs)

1. महाशिवरात्रि कब मनाई जाती है?

Mahashivaratri फाल्गुन मास की Krishna Chaturdashi को मनाई जाती है।

2. इस दिन उपवास रखने के क्या लाभ हैं?

Fasting से mental और spiritual शुद्धि होती है। यह health को भी लाभ पहुंचाता है।

3. महाशिवरात्रि पर कौन-कौन से मंत्र जपने चाहिए?

“महामृत्युंजय मंत्र”
“ॐ नमः शिवाय”

4. इस दिन शिवलिंग पर कौन-कौन सी चीजें चढ़ाई जाती हैं?

Milk, water, Belpatra, honey, Panchamrit, Ganga Jal आदि। हल्दी और केतकी के फूल नहीं चढ़ाने चाहिए।

5. क्या महाशिवरात्रि केवल भारत में ही मनाई जाती है?

नहीं, Mahashivaratri Nepal, Bangladesh, Sri Lanka, Indonesia, Mauritius और अन्य कई देशों में भी मनाई जाती है।

  1. Mahashivaratri Puja Vidhi
  2. Significance of Mahashivaratri
  3. 12 Jyotirlinga Temples

निष्कर्ष

Mahashivaratri भगवान Shiva के भक्तों के लिए एक special day होता है, जब वे उनकी आराधना करके spiritual peace प्राप्त कर सकते हैं। भगवान Shiva की कृपा प्राप्त करने के लिए इस दिन पूरी श्रद्धा से उनकी पूजा करें और रातभर Bhajan करें।

“हर-हर महादेव!”

Download Picasso App

VIDEO

https://www.youtube.com/watch?v=WhHF9CmZLZ4

Leave a Comment